कुछ ऐसे मिले लोग यहा, कि भेद बताना मुश्किल है |
बाहर से जो उजले-उजले है ,अन्दर से बेहद काले है ||
महलो मे जो रहते है,वे खुद का ही रोना रोते है |
कुछ दिन भर खटके, दो वक़्त की रोटी मे हसके जीवन बीताते है ||
कुछ ऐसे मिले फ़कीर यहा , जो सोनेरूपी घट मे पानी पीते है |
कुछ ऐसे मिले अमीर ,जो चवन्नी देने मे फ़फ़क-फ़फ़क के रोते है ||
कुछ ऐसे मिले प्रेम उदाहरण ,जो पल मे प्रेम जताते तो अगले ही पल मे छोड़ अकेला जाते है |
कुछ अनजाने प्रेमी ऐसे थे, जो बिना मिले भी जीवन भर साथ निभाते है ||
कुछ ऐसे मिले फूल बेगाने,जो दूसरे के आँगन को सजाते थे |
कुछ ऐसे मिले काँटे यहा ,जो अपने माली को ही चुभ जाते थे ||
कुछ ऐसे राजा मिले यहा ,जिन्हे सम्पनता और किस्मत ने महाराजा बनाया था |
कुछ ऐसे मिले आम नागरिक ,जो मेहनत और गरीबी से लड़के राजा बन सके थे ||
कुछ अपने लोग बने बेवफ़ा ,जो वक़्त पे साथ छोड़ गये |
कुछ बने अनजाने दोस्त यहा जिसने वफ़ा सिखलाये ||
कुछ ऐसे मिले लोग यहा,जिसने खुद को जीना सिखलाया |
कुछ ऐसे मिले जिन्होने मरकर भी, दूजो के खातीर जीना सिखलाये||
बाहर से जो उजले-उजले है ,अन्दर से बेहद काले है ||
महलो मे जो रहते है,वे खुद का ही रोना रोते है |
कुछ दिन भर खटके, दो वक़्त की रोटी मे हसके जीवन बीताते है ||
कुछ ऐसे मिले फ़कीर यहा , जो सोनेरूपी घट मे पानी पीते है |
कुछ ऐसे मिले अमीर ,जो चवन्नी देने मे फ़फ़क-फ़फ़क के रोते है ||
कुछ ऐसे मिले प्रेम उदाहरण ,जो पल मे प्रेम जताते तो अगले ही पल मे छोड़ अकेला जाते है |
कुछ अनजाने प्रेमी ऐसे थे, जो बिना मिले भी जीवन भर साथ निभाते है ||
कुछ ऐसे मिले फूल बेगाने,जो दूसरे के आँगन को सजाते थे |
कुछ ऐसे मिले काँटे यहा ,जो अपने माली को ही चुभ जाते थे ||
कुछ ऐसे राजा मिले यहा ,जिन्हे सम्पनता और किस्मत ने महाराजा बनाया था |
कुछ ऐसे मिले आम नागरिक ,जो मेहनत और गरीबी से लड़के राजा बन सके थे ||
कुछ अपने लोग बने बेवफ़ा ,जो वक़्त पे साथ छोड़ गये |
कुछ बने अनजाने दोस्त यहा जिसने वफ़ा सिखलाये ||
कुछ ऐसे मिले लोग यहा,जिसने खुद को जीना सिखलाया |
कुछ ऐसे मिले जिन्होने मरकर भी, दूजो के खातीर जीना सिखलाये||