नजरो ही नजरो मे कोई दिल को भा गया
इतना प्यारा की ,हमारा दिल हमारा ना रह गया
हुस्न का अपने ,हमे वो दिवाना बना गया
फिर इल्म हुआ, कुछ अधूरा सा रह गया
उनके इश्क़ मे ,हमने खुद को भुला दिया
ना जाने किस बात पर, वे खफा हो गये
कि दुबारा फिर मुलाकात का, एक मौका ना दिया
इस दिल्लागी मे ,कुछ अधूरा सा रह गया
उनके आने की खबरो ने ,हमको धावक बना दिया
नजरे उन पर रूकी रही ,सूरज भी जैसे शीत हुआ
उनके कोमल हाथो का, स्पर्श हुआ तन को मेरे
तन मेरा चन्दन बन जाये ,उनकी छुवन कुछ ऐसी थी
एहसास हुआ तब जाकर मुझको, कुछ पूरा सा हो गया
आवाजे आयी जब उन अधरो से , तुम आना मेरी शादी मे
अब दिल मेरा रो भी ना पाए ,जो दिल को उसने चुरा लिया था
उसके इन बातो ने , हमको शायर बना दिया
अब इतना कह सकता हू बस ,तेरे बिन जीवन तो अधूरा रह गया
इतना प्यारा की ,हमारा दिल हमारा ना रह गया
हुस्न का अपने ,हमे वो दिवाना बना गया
फिर इल्म हुआ, कुछ अधूरा सा रह गया
उनके इश्क़ मे ,हमने खुद को भुला दिया
ना जाने किस बात पर, वे खफा हो गये
कि दुबारा फिर मुलाकात का, एक मौका ना दिया
इस दिल्लागी मे ,कुछ अधूरा सा रह गया
उनके आने की खबरो ने ,हमको धावक बना दिया
नजरे उन पर रूकी रही ,सूरज भी जैसे शीत हुआ
उनके कोमल हाथो का, स्पर्श हुआ तन को मेरे
तन मेरा चन्दन बन जाये ,उनकी छुवन कुछ ऐसी थी
एहसास हुआ तब जाकर मुझको, कुछ पूरा सा हो गया
आवाजे आयी जब उन अधरो से , तुम आना मेरी शादी मे
अब दिल मेरा रो भी ना पाए ,जो दिल को उसने चुरा लिया था
उसके इन बातो ने , हमको शायर बना दिया
अब इतना कह सकता हू बस ,तेरे बिन जीवन तो अधूरा रह गया
No comments:
Post a Comment